शनि मंगल युति 2025 ज्योतिष के अनुसार 28 जुलाई को शनि और मंगल की युति के कारण अशुभ समसप्तक योग बनेगा। इस दौरान कुछ राशियों को नकारात्मक परिणाम का अनुभव होगा। व्यापारियों को नुकसान होने की संभावना है।
By Navodit Saktawat
Publish Date: Wed, 23 Jul 2025 07:35:28 PM (IST)
Updated Date: Wed, 23 Jul 2025 08:01:07 PM (IST)
HighLights
- युति के कारण समसप्तक योग बनेगा।
- यह योग लगभग 30 वर्षों के बाद बनेगा।
- मानसिक शांति में कमी आ सकती है।
शनि मंगल युति 2025। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल और उनकी मौसमी चाल कुछ शुभ और अशुभ योगों का निर्माण करती है। इस समय बारह राशियों पर इसका प्रभाव अवश्य पड़ेगा। इस अवसर पर मंगल 28 जुलाई को बुध की स्वराशि कन्या में गोचर करेगा। इस दौरान शनिदेव मीन राशि में रहते हैं। इस संदर्भ में शनि और मंगल की आमने-सामने युति के कारण समसप्तक योग बनेगा। यह योग लगभग 30 वर्षों के बाद बनेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसे संघर्ष, बाधाओं और अशांति का संकेत माना जाता है। इससे कुछ राशियों के लिए आर्थिक परेशानियां पैदा होंगी। मानसिक शांति में कमी आ सकती है। इस अवसर पर शनि और मंगल के नकारात्मक प्रभाव को कैसे कम किया जाए, इसके बारे में बताया गया। आइए अब जानते हैं कि इस दौरान किन मंत्रों का जाप करने से इस अशुभ योग के प्रभाव को कम किया जा सकता है…
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संसप्तक योग क्या है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार समसप्तक योग को अशुभ माना जाता है। यह तब बनता है जब दो ग्रह एक दूसरे से 180 डिग्री के कोण पर होते हैं। आमतौर पर यह माना जाता है कि इस समय दोनों ग्रह आमने-सामने होते हैं। हालाँकि, यह समसप्तक योग कुछ राशियों के लिए शुभ परिणाम और अन्य के लिए अशुभ परिणाम ला सकता है। उदाहरण के लिए, यदि शनि और सूर्य एक साथ समसप्तक योग बनाते हैं, तो यह नकारात्मक परिणाम देगा। इसी तरह शनि और मंगल मिलकर यह योग बनाएं तो भी कुछ राशियों के लिए मुश्किलें बढ़ने की संभावना है।
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मेष राशि

मेष राशि के लोगों को शनि और मंगल की युति के कारण नकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। क्योंकि मंगल इस राशि से छठे स्थान पर है। शनिदेव 12वें स्थान पर हैं। इस दौरान मेष राशि वालों को अनावश्यक खर्च होने की संभावना है। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामले परेशानी भरे हो सकते हैं। कुछ स्वास्थ्य समस्याएँ होंगी। ऐसी संभावना है कि आप पर अनावश्यक रूप से दोष लगाया जाएगा। शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव भी महसूस किया जाएगा। इसलिए आपको बहुत सावधान रहना होगा। इस दौरान शनि और मंगल के मंत्रों का जाप करने से समस्याओं से राहत मिलेगी।
मिथुन

मिथुन राशि के लोगों को समसप्तक योग के कारण कई नुकसानों का सामना करना पड़ेगा। इस समय शुक्र और बृहस्पति एक ही राशि में होंगे। हालाँकि, शनि और मंगल मिलकर संबंधित क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं। कर्मचारियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, खासकर जब शनि वक्री हो। इस अवधि के दौरान आपको अस्थिरता का अनुभव हो सकता है। इस अवधि के दौरान नौकरी बदलने जैसे काम नहीं करने चाहिए। ऑफिस में भी विवादों से बचना चाहिए। आपको अपने काम पर विशेष ध्यान देना चाहिए। शनि और मंगल के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए रत्न पहनना चाहिए। इसके अलावा काले या लाल कपड़े पहनें।
कर्क

28 जुलाई को बनने वाला समसप्तक योग कर्क राशि वालों के लिए कई चुनौतियां लेकर आ सकता है। इस दौरान सूर्य इसी राशि में रहता है। वह 17 अगस्त को केतु के साथ दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे। शनि अनुकूल स्थिति में है, मंगल तीसरे स्थान पर है, तथा राहु आठवें स्थान पर है। इससे पांच ग्रहों के प्रभाव से अशुभ योग बनेगा। इस दौरान आपके निजी जीवन में तनाव बढ़ेगा। आपके वैवाहिक जीवन में मतभेद होने की संभावना है। आपको वित्तीय मामलों में नुकसान होने की संभावना है। इस दौरान आपको धैर्य रखने की आवश्यकता है। आपको अपनी माँ के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।







