Support Parmarth TV.  You can send any amount on our UPI Id: 9643218008m@pnb. 

Gold-Silver Prices: चांदी की कीमत में आई भारी गिरावट, सोना भी इतना हो गया है सस्ता | Parmarth TV Iran ने अब गिरा दिया अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन, ये चेतावनी भी दे डाली | Parmarth TV Bikaner: गृहमंत्री अमित शाह ने सीमा चौकियों पर नवनिर्मित महिला बैरकों का किया ई-लोकार्पण, पाक को लेकर बोल दी ये बात | Parmarth TV भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद; निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar | Parmarth TV CNG: आमजन को फिर से लगा बड़ा झटका, अब इतनी महंगी हुई सीएनजी | Parmarth TV Canada में नवजात बच्चे की मौत के मामले में पंजाबी दंपति गिरफ्तार | Parmarth TV Rahul Gandhi के खिलाफ अब इस मामले में दर्ज हुआ परिवाद | Parmarth TV ब्लेंडर्स प्राइड पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर ने पेश किया ‘रिज़र्व्ड एक्सपीरियंसेज़ | Parmarth TV पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही महंगाई की गर्मी जारी है: Jully | Parmarth TV PM Kisan Scheme: एक ही खतौनी में कई भाइयों के नाम होने पर भी सभी को मिलेगा योजना का लाभ, पूरी करनी होगी ये शर्तें | Parmarth TV

Chaitra Navratri 2026: नवरात्र में लाखों अखंड ज्योति से जगमगा उठते हैं छत्तीसगढ़ के मंदिर, अनूठी है ये परंपरा

Chaitra Navratri 2026: नवरात्र में लाखों अखंड ज्योति से जगमगा उठते हैं छत्तीसगढ़ के मंदिर, अनूठी है ये परंपरा

छत्तीसगढ़ के मंदिरों में लाखों अखंड ज्योत के साथ नवरात्र का दीपोत्सव मनाया जाता है, जो सामुदायिक आस्था और अटूट परंपरा का प्रतीक है। …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 18 Mar 2026 05:34:49 PM (IST)Updated Date: Wed, 18 Mar 2026 05:34:49 PM (IST)

लाखों अखंड ज्योति से जगमगा उठते हैं छत्तीसगढ़ के मंदिर।

HighLights

  1. लाखों अखंड ज्योति से जगमगा उठते हैं छत्तीसगढ़ के मंदिर।
  2. वैदिक और पौराणिक परंपराओं का संगम।
  3. सामुदायिक एकता और समानता का प्रतीक।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। नवरात्र में लाखों अखंड ज्योति से जगमगा उठते हैं छत्तीसगढ़ के मंदिर। बमलेश्वरी, दंतेश्वरी, महामाया, चंद्रहासिनी सहित अनेक मंदिरों में निभाई जाती है अनोखी परंपरा, यह आस्था, अनुशासन और सामुदायिक शक्ति का है जीवंत दीपोत्सव।

शक्तिपीठों में अखंड ज्योत का अलौकिक दृश्य

गांवों के छोटे-छोटे देवी स्थानों से लेकर डोंगरगढ़ की पहाड़ियों, दंतेवाड़ा के प्राचीन शक्तिपीठ और रतनपुर के ऐतिहासिक मंदिरों तक अखंड ज्योत का जो अलौकिक दृश्य बनता है, वह केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, बल्कि लोकजीवन, सामाजिक सहभागिता और अनुशासन का अद्भुत संगम होता है।

वैदिक और पौराणिक परंपराओं का संगम

आंचलिक इतिहास के जानकार इस परंपरा की शुरुआत को वैदिक अग्नि उपासना, पौराणिक शक्ति परंपरा और आदिवासी जीवन पद्धति के सम्मिलन के रूप में देखते हैं, जहां अग्नि को शुद्धता, ऊर्जा और साक्षात देवी शक्ति का प्रतीक माना गया। कौन किसके लिए प्रेरक बना, यह तय करना कठिन है, परंतु ज्योत से ज्योत जली और अब पूरे प्रदेश की परंपरा है।

सामुदायिक एकता और समानता का प्रतीक

यह व्यक्तिगत धार्मिक मान्यता के साथ ही सामुदायिक और सामाजिक भागीदारी का प्रतीक है। यह मनोकामना की ज्योत है। मंदिरों में जगमगाते मिट्टी के ज्योतों में अमीर-गरीब, ऊंच-नीच, अगड़ा-पिछड़ा, अपना-पराया जैसा कोई भेद नहीं है।

Trending News