Dhanteras 2025 का पर्व 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:16 से 8:20 बजे तक है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की आराधना और सोना-चांदी की खरीद शुभ मानी जाती है। अगले दिन दीपावली पर लक्ष्मी-कुबेर पूजन से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
Publish Date: Fri, 22 Aug 2025 04:27:00 AM (IST)
Updated Date: Fri, 22 Aug 2025 07:26:36 AM (IST)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धनतेरस (Dhanteras 2025) दीपावली का पहला और महत्वपूर्ण पर्व है। इसे कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है और सोने-चांदी से बने आभूषणों व बर्तनों की खरीदारी को शुभ माना जाता है।
Dhanteras की पौराणिक मान्यता
पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे। उन्हें आयुर्वेद का जनक कहा जाता है। इस दिन उनकी पूजा करने से स्वास्थ्य, दीर्घायु और समृद्धि की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि धनतेरस पर दीपदान करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-शांति आती है।
Dhanteras 2025 Date
वैदिक पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि 18 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12:18 बजे आरंभ होकर 19 अक्टूबर को दोपहर 1:51 बजे समाप्त होगी। इस प्रकार Dhanteras 2025 Date होगी – 18 अक्टूबर 2025 (शनिवार)।
Dhanteras Puja Muhurat 2025
प्रदोष काल यानी संध्याकाल में पूजा करना सबसे शुभ माना गया है। इस वर्ष धनतेरस पर पूजन का समय शाम 7:16 बजे से 8:20 बजे तक रहेगा। इसी समय भगवान धन्वंतरि की पूजा और दीपदान करना श्रेष्ठ होगा।
पंचांग
- सूर्योदय – सुबह 06 बजकर 24 मिनट पर
- सूर्यास्त – शाम 05 बजकर 48 मिनट पर
- ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 43 मिनट से 05 बजकर 33 मिनट तक
- विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजे से 02 बजकर 46 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त – शाम 05 बजकर 48 मिनट से 06 बजकर 14 मिनट तक
- निशिता मुहूर्त – रात्रि 11 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक
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