कजरी तीज व्रत 12 अगस्त 2025 को भाद्रपद कृष्ण तृतीया पर रखा जाएगा। विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और अविवाहित कन्याएं योग्य वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं। इस दिन पूजा-विधि के नियमों का पालन करना और कुछ गलतियों से बचना जरूरी है।
By Anurag Mishra
Publish Date: Mon, 11 Aug 2025 07:36:25 AM (IST)
Updated Date: Mon, 11 Aug 2025 09:02:29 AM (IST)
HighLights
- सफेद और काले रंग के वस्त्र न पहनें।
- व्रत के दिन न सोएं और गुस्सा न करें।
- नाखून, बाल न काटें और बाल न धोएं।
धर्म डेस्क, इंदौर। हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए तीज व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। हर साल हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज पड़ती हैं। कजरी तीज भाद्रपद माह में आती है। इस साल कजरी तीज 12 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती है।
धार्मिक मान्यता है कि कजरी तीज पर व्रत रखने से दांपत्य जीवन अच्छा होता है। घर में सुख-समृद्धि आती है। अविवाहित कन्याएं भी व्रत योग्य वर की प्राप्ति में रखती है। इस दिन माता पार्वती व भगवान शिव की पूजा का महत्व है।
इस दिन व्रत के दौरान कुछ महिलाएं अनजाने में ऐसे काम कर लेती हैं, जिनसे उनके दांपत्य जीवन में कलह शुरू हो जाती है। पति से छोटी-छोटी बातों में झगड़े होने लगते हैं। ऐसे में हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे कजरी तीज आपको क्या नहीं करना चाहिए?
कजरी तीज में क्या नहीं करें?
- इस दिन सफेद और काले रंग के वस्त्र या आभूषण न पहनने चाहिए।
- व्रत कर रहीं महिलाओं को दिन में सोना, गुस्सा और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए।
- नाखून या बाल काटने और बालों को धोने से बचना चाहिए।
- इस व्रत में अन्न और जल दोनों का त्याग कर निर्जला उपवास करना शुभ माना जाता है।
- पूजा के समय कजरी तीज व्रत कथा का पाठ अवश्य करें।
- पूजा के बाद झूला झूलना बहुत ही शुभ माना जाता है।
- व्रत खोलने से पहले शिव-पार्वती की पूजा करें। 3 या 5 कन्याओं को भोजन कराएं।
- इस दिन झाड़ू न लगाएं। इसे अशुभ माना जाता है।
अस्वीकरण- इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।







