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भाजपा सरकार को तुरंत फसल बीमा की गणना पद्धति में सुधार करना चाहिए: Ashok Gehlot | Parmarth TV

भाजपा सरकार को तुरंत फसल बीमा की गणना पद्धति में सुधार करना चाहिए:  Ashok Gehlot | Parmarth TV

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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब फसल बीमा योजना को लेकर भाजपा सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी बात कही है।

अशोक गहलोत ने एक्स के माध्यम से कहा कि फसल बीमा योजना का यह आंकड़ा हैरान करने वाला है। पिछले दो साल में देशभर के 73 लाख किसानों ने फसल बीमा छोड़ दिया, इनमें से अकेले राजस्थान के 6.79 लाख किसान शामिल हैं। प्रीमियम भरने के बावजूद नुकसान होने पर क्लेम मिलना और सर्वेऔसत की उलझी गणना में फंसे रहना, यही किसानों की सबसे बड़ी शिकायत है।

इसी साल का ही राजस्थान में 205.52 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम अटका हुआ है
अशोक गहलोत ने कहा कि नुकसान खेत में होता है, लेकिन मुआवजा क्षेत्र की औसत उपज से तय होता है, यही इस पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी खामी है। कोई किसान पूरी फसल गंवाकर भी सिर्फ 2.30 रुपए का क्लेम पाता है, तो कोई पूरे पौधे खराब होने पर भी बीमा से वंचित रह जाता है। इसी साल का ही राजस्थान में 205.52 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम अटका हुआ है। इससे पहले के सालों की स्थिति भी अच्छी नहीं है।

यह योजना किसानों से ज्यादा बीमा कंपनियों के फायदे की योजना है
पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि किसान शुरू से ही यह आरोप लगाते रहे हैं कि यह योजना किसानों से ज्यादा बीमा कंपनियों के फायदे की योजना है, आज के ये आंकड़े उनकी उस आशंका को सही साबित कर रहे हैं। अगर योजना में कोई कमी रह गई है तो सरकार को उसे ठीक करने में क्या परेशानी है? भाजपा सरकार को तुरंत फसल बीमा की गणना पद्धति में सुधार करना चाहिए, ताकि किसान का असली नुकसान असली मुआवजे में बदले, कागजी औसत में नहीं।

PC: firstindia
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