तमिलनाडु के कीझापेरुमपल्लम स्थित नागनाथस्वामी मंदिर को केतु दोष से मुक्ति के लिए चमत्कारी माना जाता है। यहां राहु पर दूध चढ़ाने से केतु का प्रभाव शांत होता है। मान्यता है कि दूध नीला पड़ जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, केतु ने यहां भगवान शिव की तपस्या की थी।
By Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 23 Jul 2025 02:03:33 PM (IST)
Updated Date: Wed, 23 Jul 2025 02:03:33 PM (IST)
HighLights
- केतु की विशेष पूजा दक्षिण भारत में होती
- शिव की तपस्या से केतु को मिला वरदान
- मंगलवार को विशेष रूप से की जाती पूजा
धर्म डेस्क, इंदौर। Naganathaswamy Temple: वैदिक ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह कहा गया है। इनका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर डालता है। इनकी गलत दृष्टि जीवन को बर्बाद कर देती है। कलियुग में ये दोनों ग्रह और भी ताकतवर हो गए हैं। इन दोनों ग्रहों की स्थिति जीवन में निर्णायक भूमिका निभाती है।
केतु के अशुभ स्थिति में होने से जीवन में मानसिक तनाव, धोखाधड़ी और आध्यात्मिक भटकाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसका उपाय भी संभव है। दक्षिण भारत में एक ऐसा चमत्कारी मंदिर है, जहां पूजा करने से केतु दोष दूर हो जाता है।
केतु दोष से मिलता है छुटकारा
- तमिलनाडु के कीझापेरुमपल्लम गांव में स्थित नागनाथस्वामी मंदिर को केतु स्थल भी कहा जाता है। यहां भगवान शिव के साथ-साथ केतु देव की विशेष पूजा होती है।
- मान्यता है कि यहां पर पूजा करने से केतु के अशुभ प्रभाव से मुक्ति मिलती है। खास बात यह है कि इस मंदिर में राहु की मूर्ति पर दूध अर्पित करने से केतु दोष से पीड़ित व्यक्ति को लाभ मिलता है।
दूध के नीला होने की मान्यता
इस मंदिर से जुड़ी एक रहस्यमयी मान्यता के अनुसार राहु दोष से पीड़ित कोई व्यक्ति राहु की मूर्ति पर दूध चढ़ाता है, अर्पित किया दूध नीला पड़ जाता है। इस चमत्कार को आज तक वैज्ञानिक भी स्पष्ट नहीं कर पाए हैं।
पौराणिक कथा से जुड़ा है मंदिर
पुराणों के अनुसार ऋषि के श्राप से पीड़ित केतु ने इसी स्थान पर भगवान शिव की घोर तपस्या की थी। शिव ने प्रसन्न होकर केतु को दर्शन दिए। तब से यह स्थान केतु की शांति के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
मंगलवार को विशेष होता है पूजन
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि मंगलवार का दिन केतु दोष की शांति के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की उपासना, तंत्र-मंत्र और ध्यान करने से विशेष लाभ मिलता है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।







