Shiv Temple in MP: मध्य प्रदेश में देवास के पास बागली में स्थित जटाशंकर महादेव मंदिर अपनी अलौकिकता और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर में शिवलिंग पर नीले और लाल रंग की धारियां हैं, जिसे नीललोहित शिवलिंग भी कहा जाता है। मान्यता है कि यह स्थल त्रेता युग में जटायु की तपोभूमि थी। यहां अखंड जलाभिषेक करने वाली जलधारा है, जिसका स्रोत आज तक अज्ञात है।
By Prashant Pandey
Publish Date: Thu, 17 Jul 2025 02:54:29 PM (IST)
Updated Date: Thu, 17 Jul 2025 02:59:29 PM (IST)
HighLights
- 600 वर्ष पूर्व वैष्णव संप्रदाय के वनखंडी नामक एक महात्मा यहां रहते थे।
- त्रेतायुग में देवास के गरीब बागली की यह भूमि जटायु की तपोभूमि रही है।
- जलधारा के मुहाने पर लगा गोमुख लगभग 200 वर्ष पुराना बताया जाता है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास (Dewas News)। मध्य प्रदेश के देवास जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर बागली से पूर्व दिशा की ओर जटाशंकर तीर्थ अनादिकाल से दिव्य स्वरूप, अलौकिकता, शांति और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में प्रसिद्ध रहा है। श्रावण में कांवड़ यात्री यहां महादेव का अभिषेक करते हैं। जटाशंकर महादेव पर नीले व लाल रंग की धारियां हैं, इसलिए इसे नीललोहित शिवलिंग भी कहा जाता है।
मान्यता है कि त्रेता युग में यह स्थल जटायु की तपोभूमि रही है। यहां अखंड जलाभिषेक करने वाली जलधारा है, जिसका स्रोत पता लगाने में विशेषज्ञ भी असफल रहे हैं। लगभग 600 वर्ष पूर्व वैष्णव संप्रदाय के वनखंडी नामक एक महात्मा यहां निवास करते थे।

मंदिर का इतिहास
वाग्योग चेतना पीठम बागली के संचालक पं. कनिष्क द्विवेदी के अनुसार चंद्रकेश्वर तीर्थ पर अत्रि ऋषि के पुत्र चंद्रमा का आश्रम था, जो कालांतर में च्यवन ऋषि की तपोभूमि बना और चंद्रमा ने जटायु की मदद की थी।
अनादिकाल में यहां पर जटायु ने तप किया था। जलधारा के मुहाने पर लगा गोमुख लगभग 200 वर्ष पूर्व बागली रियासत के राजपुरोहित पं. सोमेश्वर त्रिवेदी ने स्थापित करवाया था।
भंड़ारों का आयोजन किया जाता है
तीर्थ परिवार द्वारा वर्ष भर जटा शंकर सहित अन्य स्थानों पर व कुंभ एवं अर्द्धकुंभ में सफलतापूर्वक भंडारों का आयोजन किया जाता है। – बद्रीदास महाराज, महंत
गोबर से स्वास्तिक बनाकर मांगते हैं मनोकामना
यहां आगमन से अलौकिक शांति और दिव्य ऊर्जा का अनुभव होता है। गोबर के उल्टे स्वास्तिक बनाकर मांगी गई मनोकामना पूरी होती है। अभय बड़ौला, भक्त बागली







