श्रावण महीने के दूसरे सोमवार 21 जुलाई को कई शुभ संयोग बनने से इसका महत्व और बढ़ रहा है। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग, कामिका एकादशी और अमृत सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि श्रावण के दूसरे सोमवार पर भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और साधक को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।
By Prashant Pandey
Publish Date: Sun, 20 Jul 2025 12:42:55 PM (IST)
Updated Date: Sun, 20 Jul 2025 12:54:29 PM (IST)
HighLights
- अमृत सिद्धि योग में भगवान शिव की पूजा से मिलेगा मनवांछित फल।
- श्रावण के दूसरे सोमवार को भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए है शुभ मुहूर्त।
- सोमवार को पूरे दिन रहेगा सर्वार्थ सिद्धि योग, पूजन के लिए यह है विशेष।
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। श्रावण महीने के दूसरे सोमवार 21 जुलाई को कई शुभ संयोग बनने से इसका महत्व और बढ़ रहा है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया की श्रावण का दूसरा सोमवार विशेष है क्योंकि इस दिन तीन बहुत शुभ और दुर्लभ योगों का निर्माण हो रहा है। कामिका एकादशी समेत कई शुभ संयोग बनने से दिन का महत्व बढ़ रहा है।
कहते हैं कि श्रावण के सोमवार पर शुभ संयोगों में शिव जी का पूजन व शिवलिंग का जलाभिषेक करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और साधक को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।श्रावण के दूसरे सोमवार को अचलेश्वर, गुप्तेश्वर व कोटेश्वर पर शिवभक्तों द्वारा कठोर नियम-कायदों से लाये गये गंगाजल से देवाधिदेव महादेव के शिवलिंग स्वरूप का अभिषेक करेंगे।
श्रावण के दूसरा सोमवार पर बनने वाले शुभ योग

श्रावण के दूसरे सोमवार को कामिका एकादशी व्रत भी रखा जाएगा। जिससे यह दिन भगवान शिव व भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए खास माना जा रहा है। श्रावण के दूसरे सोमवार को पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इस दिन अमृत सिद्धि योग का भी शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। जबकि अमृत सिद्धि योग किसी भी काम की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
श्रावण के दूसरे सोमवार जलाभिषेक के मुहूर्त
श्रावण के दूसरे सोमवार को भगवान शिव की पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह चार बजकर 14 मिनट से सुबह चार बजकर 55 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजे से दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर दो बजकर 44 मिनट से दोपहर तीन बजकर 39 मिनट तक रहेगा।

अमृत काल शाम छह बजकर नौ मिनट से शाम सात बजकर 38 मिनट तक रहेगा। अमृत सिद्धि योग रात नौ बजकर सात मिनट से अगले दिन सुबह पांच बजकर सात मिनट तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा।






